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Chapter 9 बल तथा गति के नियम Solutions

Question - 21 : - 200 g द्रव्यमान की एक हॉकी की गेंद 10 ms-1 की वेग से सीधी रेखा में चलती हुई 5 kg द्रव्यमान के लकड़ी के गुटके से संघट्ट करती है तथा उससे जुड़ जाती है। उसके बाद दोनों एक साथ उसी रेखा में गति करते हैं। संघट्ट से पहले तथा संघट्ट के बाद कुल संवेगों की गणना करें। दोनों वस्तुओं की जुड़ी हुई अवस्था में वेग की गणना करें।

Answer - 21 : -

गेंद का द्रव्यमान, m =200, g = 0.2 kg
गेंद का वेग, v = 10 ms-1
गेंद का संघट्ट से पहले संवेग = m.v = 0.2 x 10 = 2.0 kg ms-1
5 kg
द्रव्यमान के लकड़ी के टुकड़े का संघट्ट से पहले वेग, v = 0
लकड़ी के टुकड़े का संघट्ट से पहले संवेग = 5 x 0 = 0
(i)
संघट्ट से पहले कुल संवेग = 2 + 0 = 2 kg ms-1
(ii)
संघट्ट से पहले संवेग = संघट्ट के बाद संवेग = 2.0 kg ms-1
अतः दोनों वस्तुओं का संघट्ट के बाद संवेग = 2.0 kg ms-1
(iii)
मान लिया दोनों वस्तुओं का जुड़ी हुई अवस्था में वेग = 0
दोनों वस्तुओं का जुड़ी हुई अवस्था में द्रव्यमान, m = 0.2 + 5 = 5.2 kg
दोनों वस्तुओं का संघट्ट के पश्चात जुड़ी हुई अवस्था में संवेग = m.v = 5.2 x v
परन्तु संघट्ट के बाद दोनों वस्तुओं का संवेग v = 2.0 kg ms-1
अतः
5.2 v = 2.0
v = 0.39 ms-1
अतः जुड़ी हुई अवस्था में दोनों वस्तुओं का वेग = 0.39 ms-1

Question - 22 : - 10 द्रव्यमान की एक गोली सीधी रेखा में 150 ms-1 के वेग से चलकर एक लकड़ी के गुटके से टकराती है और 0.03 s के बाद रुक जाती है। गोली लकड़ी को कितनी दूरी तक भेदेगी? लकड़ी के गुटके द्वारा गोली पर लगाए गए बल के परिमाण की गणना कीजिए।

Answer - 22 : - बन्दूक की गोली का द्रव्यमान(m) = 10 g = = 0.01kg

Question - 23 : - एक वस्तु जिसका द्रव्यमान 1 kg है, 10 ms-1 के वेग से एक सीधी रेखा में चलते हुए एक विरामावस्था में रखे 5 kg द्रव्यमान के एक लकड़ी के गुटके से टकराती है। उसके बाद दोनों साथ-साथ उसी सीधी रेखा में गति करते हैं। संघट के पहले तथा बाद के कुल संवेगों की गणना करें। आपस में जुड़े हुए संयोजन के वेग की भी गणना करें।

Answer - 23 : -

पिंड की संहति (m1)= 1 kg
गुटके की संहति (m2) = 5 kg
पिंड का आरंभिक वेग (v1) = 10 m/s
गुटके का आरंभिक वेग (v2) = 0
गोली गुटके का टकराने के तुरन्त पहले संवेग = m1v1 + m2 x 0 = 1 x10 + 5 x 0 = 10 kg m/s
टकराने के तुरन्त पश्चात् संवेग = टकराने के तुरन्त
पहले संवेग = 10 kg m/s
पिंडों की संयुक्त (कुल) संहति = m1 + m2 = 1 + 5 = 6 kg
मान लिया आपस में जुड़े संयोजन का वेग = v
आपस में जुड़े संयोजन का संवेग = mv = 6 x v = 6v
लेकिन संवेग = 10 kg m/s
अतः
6v = 10
v = 
m/s.

Question - 24 : - 100 kg द्रव्यमान की एक वस्तु का वेग समान त्वरण से चलते हुए 6s में 5 ms-1 से 8 ms-1 हो जाता है। वस्तु के पहले और बाद के संवेगों की गणना करें। उस बल के परिमाण की भी गणना करें जो उस वस्तु पर आरोपित है।

Answer - 24 : -


Question - 25 : -
अख्तर, किरण और राहुल किसी राजमार्ग पर बहुत तीव्र गति से चलती हुई कार में सवार हैं, अचानक उड़ता हुआ कोई कीड़ा गाड़ी के सामने के शीशे से आ टकराया और वह शीशे से चिपक गया। अख्तर और किरण इस स्थिति पर विवाद करते हैं। किरण का मानना है कि कीड़े के संवेग परिवर्तन का परिमाण कार के संवेग परिवर्तन के परिमाण की अपेक्षा बहुत अधिक है। (क्योंकि कीड़े के वेग में परिवर्तन का मान कार के वेग में परिवर्तन के मान से बहुत अधिक है।) अख्तर ने कहा कि चूंकि कार का वेग बहुत अधिक था अतः कार ने कीड़े पर बहुत अधिक बल लगाया जिसके कारण कीड़े की मौत हो गई। राहुल ने एक नया तर्क देते हुए कहा कि कार तथा कीड़ा दोनों पर समान बल लगा और दोनों के संवेग में बराबर परिर्वतन हुआ। इन विचारों पर अपनी प्रतिक्रिया दें।

Answer - 25 : -

राहुल का उत्तर सही था क्योंकि-
संवेग संरक्षण के सिद्धांत के अनुसार, टक्कर के समय तंत्र की कुल संवेग संरक्षित रहता है, इसलिए दोनों ही में एकसमान संवेग परिर्वतन होगा। किंतु कीड़ा का द्रव्यमान कम है, इसलिए उसके वेग में अधिक परिवर्तन होगा एवं कार का द्रव्यमान अधिक होने के कारण, उसके वेग में अपेक्षाकृत कम परिवर्तन होगा।

Question - 26 : -
एक 10 किग्रा द्रव्यमान की घंटी 80 सेमी की ऊँचाई से फर्श पर गिरी। इस अवस्था में घंटी द्वारा फर्श पर स्थानांतरित संवेग के मान की गणना करें। परिकलन में सरलता हेतु नीचे की ओर दिष्ट त्वरण का मान 10 ms-1 लें।

Answer - 26 : -

दिया है। घंटी का द्रव्यमान, m = 10 किग्रा
प्रारंभिक ऊँचाई s = 80 सेमी = 0.8 मीटर,
घंटी का त्वरण a = 10 मीटर/सेकण्ड,
गिरते समय प्रारंभिक वेग u = 0
माना फर्श पर पहुँचकर घंटी v वेग से फर्श से टकराती है। तब समीकरण
v2 = u2 + 2as
से, .
v2 = 02 + 2 x 10 x 0.8 = 16
मीटर/सेकण्ड
घंटी का वेग v = √16 = 4 मीटर/सेकण्ड।
माना कि फर्श से टकराने के बाद घंटी विरामावस्था में जाती है।
फर्श से टकराते समय घंटी का वेग v1 = 4 मीटर/सेकण्ड
तथा फर्श से टकराने के बाद घंटी का वेग v2 = 0
घंटी के संवेग में परिवर्तन = m (v2 – v1) = 10 (0 – 4) = – 40 किग्रा-मीटर/सेकण्ड।
क्रिया-प्रतिक्रिया के नियम से फर्श को स्थानान्तरित संवेग = – घंटी का संवेग-परिवर्तन = – (-40) = 40 किग्रा-मीटर/सेकण्ड

Question - 27 : - एक वस्तु की गति की अवस्था में दूरी-समय सारणी निम्नवत् है-
(a) त्वरण के बारे में आप क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं,? क्या यह नियत है? बढ़ रहा है? घट रहा है? या शून्य है?
(b) आप वस्तु पर लगने वाले बल के बारे में क्या निष्कर्ष निकाल सकते हैं?

Answer - 27 : -


(a) उपर्युक्त टेबल दर्शाता है कि वेग परिवर्तन की दर बढ़ रही है अतः वस्तु का त्वरण लगातार बढ़ रहा है।
(b) चूँकि बल, वस्तु में उत्पन्न त्वरण के समानुपाती होता है, इसलिए वस्तु पर लगने वाला बल भी लगातार बढ़ रहा है।

Question - 28 : - 1200 kg द्रव्यमान की कार को एक समतल सड़क पर दो व्यक्ति समान वेग से धक्का देते हैं। उसी कार को तीन व्यक्तियों द्वारा धक्का देकर 0.2 ms-1 का त्वरण उत्पन्न किया जाता है। कितने बल के साथ प्रत्येक व्यक्ति कार को धकेल पाते हैं। (मान लें कि सभी व्यक्ति समान पेशीय बल के साथ कार को धक्का देते हैं।)

Answer - 28 : -

द्रव्यमान, m =1200 kg
u = v (
समान वेग)
a = 0
बल = m x a = 1200 x 0 = 0 N
स्थिति II :
द्रव्यमान, m = 1200 kg
त्वंरण, a = 0.2 m/s2
बल = m x a = 1200 x 0.2 = 240 N

Question - 29 : - 500 g द्रव्यमान के एक हथौड़े द्वारा 50 ms-1 वेग से एक कील पर प्रहार किया जाता है। कील द्वारा हथौड़े को बहुत कम समय 0.01s में ही रोक दिया जाता है। कील के द्वारा हथौड़े पर लगाए गये बल की गणना करें।

Answer - 29 : -


Question - 30 : - एक 1200 kg द्रव्यमान की मोटरकार 90 km/h की वेग से एक सीधी रेखा के अनुदिश चल रही है। उसका वेग बाहरी असंतुलित बल लगने के कारण 4s में घटकर 18 km/h हो जाता है। त्वरण और परिवर्तन का परिकलन करें। लगने वाले बल के परिमाण की भी परिकलन करें।

Answer - 30 : - द्रव्यमान, m = 1200 kg

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