Chapter 9 बल तथा गति के नियम Solutions
Question - 11 : - बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?
Answer - 11 : -
बस की छत पर रखे सामान को रस्सी से क्यों बाँधा जाता है?
Question - 12 : - किसी बल्लेबाज द्वारा क्रिकेट की गेंद को मारने पर गेंद जमीन पर लुढ़कती है। कुछ दूरी चलने के पश्चात् गेंद रुक जाती है। गेंद रुकने के लिए धीमी होती है, क्योंकि-
(a) बल्लेबाज ने गेंद को पर्याप्त प्रयास से हिट नहीं किया है।
(b) वेग गेंद पर लगाए गए बल के समानुपाती है।
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
(d) गेंद पर कोई असंतुलित बल कार्यरत नहीं है, अतः गेंद विरामावस्था में आने के लिए प्रयासरत है।
(सही विकल्प का चयन करें)
Answer - 12 : -
(c) गेंद पर गति की दिशा के विपरीत एक बल कार्य कर रहा है।
Question - 13 : - एक टुक विरामावस्था से किसी पहाड़ी से नीचे की ओर नियत त्वरण से लुढ़कना शुरू करता है। यह 20 s में 400 m की दूरी तय करता है। इसका त्वरण ज्ञात करें। अगर इसका द्रव्यमान 7 टन हो तो इस पर लगने वाले बल की गणना करें। (1 टन = 1000 kg)
Answer - 13 : -
ट्रक का आरंभिक वेग (u) = 0
तय की गई दूरी (S) = 400 m
लिया गया समय (t) = 20 s
त्वरण (a) = ?
Question - 14 : - 1 kg द्रव्यमान के एक पत्थर को 20 ms-1 के वेग से झील की जमी हुई सतह पर फेंका जाता है। पत्थर 50 m की दूरी तय करने के बाद रुक जाता है। पत्थर और बर्फ के बीच लगने वाले घर्षण बल की गणना करें।
Answer - 14 : -
द्रव्यमान, m = 1 किग्रा
प्रारम्भिक वेग, u = 20 m/s
अन्तिम वेग, v = 0
दूरी = 50 m
गति के तीसरे समीकरण से,
v2 =u2 +2as
0 = 202 +2 x a x 50
a = – 4 ms-2
बर्फ व पत्थर के बीच लगा घर्षण बल,
F = ma
F = 1 x (-4)
F = – 4 N
ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि बल गति के विपरीत दिशा में कार्य कर रहा है।
Question - 15 : - एक 8000 kg द्रव्यमान का रेल इंजन प्रति 2000 kg द्रव्यमान वाले पाँच डिब्बों को सीधी पटरी पर खींचता है। यदि इंजन 40000N का बल आरोपित करता है तथा यदि पटरी 5000 N का घर्षण बल लगाती है, तो ज्ञात करें
(a) नेट त्वरण बल
(b) रेल का त्वरण तथा
(c) डिब्बे 1 द्वारा डिब्बे 2 पर लगाया गया बल।
Answer - 15 : - इंजन द्वारा लगाया गया बल =40,000 N
डिब्बों द्वारा लगाया गया घर्षण बल =5000 N
(a) इंजन द्वारा लगाया गया त्वरक बल =40,000 – 5000 = 35,000 N
(b) इंजन द्वारा लगाया गया त्वरक बल =35000 N
रेलगाड़ी के डिब्बों का कुल द्रव्यमान =5 x 2000 = 10000 kg
हम जानते हैं कि F= m x a
a =
=
=3.5 m/s2
अतः रेलगाड़ी3.5 m/s2 के त्वरण से गति करती है।
(c) चार डिब्बों को कुल द्रव्यमान =4 x 2000 = 8000 kg
त्वरण =3.5 m/s2
पहले डिब्बे द्वारा लगाया गया बल =8000 x 3.5 = 28000 N.
Question - 16 : - एक गाड़ी का द्रव्यमान 1500 kg है। यदि गाड़ी को 1.7 ms-2 के ऋणात्मक त्वरण (अवमंदन) के साथ विरामावस्था में लाना है, तो गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल कितना होगा?
Answer - 16 : -
गाड़ी का द्रव्यमान (m) =1500 kg
त्वरण (a) = – 1.7 m/s2
गाड़ी तथा सड़क के बीच लगने वाला बल = m x a = 1500 x (-1.7) = – 2550 N.
Question - 17 : - किसी m द्रव्यमान की वस्तु जिसका वेग v है का संवेग क्या होगा?
(a) (mv)2
(b) mv²
(c) mv²
(d) mv
(उपरोक्त में सही विकल्प चुनें)।
Answer - 17 : -
(d) mv
Question - 18 : - हम एक लकड़ी के बक्से को 200 N बल लगाकर उसे नियत वेग से फर्श पर धकेलते हैं। बक्से पर लगने वाला घर्षण बल क्या होगा?
Answer - 18 : -
क्षैतिज दिशा में बक्से पर लगाया गया बल = 200 N.
घर्षण बल बक्से पर क्षैतिज दिशा में लगाए गए बल के बराबर तथा विपरीत दिशा में होगा।
अतः घर्षण बल = -200 N
ऋणात्मक चिन्ह दर्शाता है कि घर्षण बल लगाए गए बल के विपरीत दिशा में लग रहा है।
Question - 19 : - दो वस्तुएँ, प्रत्येक का द्रव्यमान 1.5 किग्रा है, एक ही सीधी रेखा में एक-दूसरे के विपरीत दिशा में गति कर रही हैं। टकराने के पहले प्रत्येक का वेग 2.5 ms-1 है। टकराने के बाद यदि दोनों एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं, तब उनका सम्मिलित वेग क्या होगा?
Answer - 19 : -
दिया है : वस्तुओं के द्रव्यमान।
m1 = m2 = 1.5 किग्रा
टकराने से पहले इनके वेग ।
u1 = 2.5 मीटर/सेकण्ड
u2 = -2.5 मीटर/सेकण्ड
(ऋण चिह्न विपरीत दिशा के कारण लिया है।)
माना टकराने के बाद दोनों का सम्मिलित वेग v हो जाता है।
दोनों के जुड़ जाने से बनी नई वस्तु का द्रव्यमान (m1 + m2) होगा।
तब टक्कर के पहले दोनों का कुल संवेग = m1u1 + m2u2
= 1.5 x 2.5 + 1.5 x (-2.5) = 3.75 – 3.75 = 0.
तथा टक्कर के बाद दोनों का कुल संवेग = (m1 + m2) v = (1.5 + 1.5) v = 3v
संवेग संरक्षण के नियम से,
टक्कर के बाद कुल संवेग = टक्कर के पहले कुल संवेग
अर्थात् 3v = 0 ⇒ v = 0
अतः टक्कर के बाद दोनों वस्तुओं का सम्मिलित वेग शून्य होगा अर्थात् वे विरामावस्था में आ जाएँगी।
Question - 20 : - गति के तृतीय नियम के अनुसार जब हम किसी वस्तु को धक्का देते हैं, तो वस्तु उतने ही बल के साथ हमें भी विपरीत दिशा में धक्का देती है। यदि वह वस्तु एक टुक है जो सड़क के किनारे खड़ा है; संभवतः हमारे द्वारा बल आरोपित करने पर भी गतिशील नहीं हो पाएगा। एक विद्यार्थी इसे सही साबित करते हुए कहता है कि दोनों बल विपरीत एवं बराबर हैं जो एक-दूसरे को निरस्त कर देते हैं। इस तर्क पर अपने विचार दें और बताएँ कि दुक गतिशील क्यों नहीं हो पाता?
Answer - 20 : -
विद्यार्थी का तर्क गलत है, यह सही है कि क्रिया तथा प्रतिक्रिया के बल विपरीत एवं बराबर होते हैं, परंतु ये बल कभी भी एक ही वस्तु पर कार्य नहीं करते। जैसे कि उपर्युक्त उदाहरण में, हमारे द्वारा आरोपित बल ट्रक पर लगेगा, जबकि ट्रक का प्रतिक्रिया बल हम पर लगेगा। ट्रक के गतिमान होने का संबंध केवल ट्रैक पर लगने वाले बल से है न कि हमारे द्वारा लगे प्रतिक्रिया बल से। अतः क्रिया-प्रतिक्रिया के बलों के निरस्त होने का यहाँ कोई प्रश्न ही नहीं उठता।
हमारे द्वारा ट्रक पर बल आरोपित किए जाने पर भी ट्रक गतिशील नहीं हो पाता, इसका कारण यह है कि ट्रक पर इस बल के अतिरिक्त पृथ्वी द्वारा आरोपित घर्षण बल भी लगा है जो कि हमारे द्वारा आरोपित बल को संतुलित कर देता है।