Question -
Answer -
महिला संगठनों की भूमिका-
1. महिला संगठनों ने घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं की शिकायतें तथा विचार सुने।
2. महिला संगठनों ने जन सुनवाई के दौरान इस प्रकार हिंसा से निपटने के लिए एक नए कानून की जरूरत महसूस की।
3. महिला संगठनों ने विचार-विमर्श के लिए अलग-अलग संस्थानों के साथ बैठकें की।
4. घरेलू हिंसा से निपटने के लिए 2002 में संसद में पेश विधेयक को महिला संगठनों ने नामंजूर कर दिया और संसदीय स्थायी समिति को अपने सुझाव दिए।
5. 2005 में संसद के सामने नया विधेयक पेश किया गया और संसद की मंजूरी के बाद 2006 में घरेलू हिंसा महिला सुरक्षा कानून लागू हुआ।