Question -
Answer -
टिस्को को अपना स्टील उत्पादन बढ़ाने में मदद-
(i) सन् 1914 में पहला विश्व युद्ध शुरू हुआ। ब्रिटेन में उत्पादित इस्पात की खपत यूरोप में युद्ध की माँगों को पूरा करने के लिए होने लगी।
(ii) भारत आने वाले ब्रिटिश स्टील की मात्रा में भारी गिरावट आई और भारतीय रेलवे भी पटरियों की आपूर्ति के लिए टिस्को पर आश्रित हो गया।
(iii) औपनिवेशिक सरकार ने युद्ध लंबा खींचने की स्थिति में टिस्को को युद्ध के लिए गोलों के खोल और रेलगाड़ियों के पहिए बनाने का काम सौंप दिया।
(iv) औपनिवेशिक सरकार 1919 तक टिस्को में बनने वाले 90 प्रतिशत इस्पात को खरीद लेती थी और कुछ समय बाद टिस्को समूचे ब्रिटिश साम्राज्य में इस्पात का सबसे बड़ा कारखाना बन गया है।