Chapter 7 जनजातियाँ, खानाबदोश और एक जगह बसे हुए समुदाय Solutions
Question - 11 : - वर्ण आधारित समाज में क्या परिवर्तन आए?
Answer - 11 : -
वर्ण आधारित समाज में निम्न परिवर्तन आए –
1. वर्गों के भीतर छोटी-छोटी जातियाँ उभरने लगीं। उदाहरण के लिए, ब्राह्मणों के बीच नयी जातियाँ सामने आईं।
2. दूसरी ओर कई जनजातियों और सामाजिक समूहों को जाति विभाजित समाज में शामिल कर लिया गया और उन्हें जातियों का दर्जा दे दिया गया।
3. ब्राह्मणों द्वारा शिल्पियों, सुनार, लोहार, बढ़ई और राजमिस्त्री को जातियों के रूप में मान्यता दे दी गई।
4. वर्ण की बजाय जाति, समाज के संगठन का आधार बनी।
Question - 12 : - एक राज्य के रूप में संगठित हो जाने के बाद जनजातीय समाज कैसे बदला?
Answer - 12 : -
एक राज्य के रूप में संगठित हो जाने के बाद जनजातीय समाज में कई तरह से बदलाव आए।
(i) हूण, चंदेल, चालुक्य और कुछ दूसरी वंश परंपराओं में से कुछ पहले जनजातियों में आते थे और बाद में कई कुल राजपूत मान लिए गए। धीरे-धीरे उन्होंने पुराने शासकों की जगह ले ली, विशेषतः कृषि वाले क्षेत्रों में।
शासकों के रूप में राजपूत गोत्रों के उदय के उदाहरण का जनजातीय लोगों ने अनुसरण किया। धीरे-धीरे ब्राह्मणों के समर्थन से कई जनजातियाँ, जाति व्यवस्था का हिस्सा बन गई लेकिन केवल प्रमुख जनजातीय परिवार ही शासक वर्ग में शामिल हो सके।
Question - 13 : - क्या बंजारे लोग अर्थव्यवस्था के लिए महत्त्वपूर्ण थे?
Answer - 13 : -
हाँ, बंजारे लोग अर्थव्यवस्था की दृष्टि से कई तरह से महत्त्वपूर्ण थे –
1. बंजारे लोग सबसे महत्त्वपूर्ण व्यापारी खानाबदोश थे।
2. सल्तनत काल में बंजारे नगर के बाजारों तक अनाज की ढुलाई किया करते थे।
3. बंजारे विभिन्न इलाकों से अपने बैलों पर अनाज ले जाकर शहरों में बेचते थे।
4. सैन्य अभियानों के दौरान वे मुगल सेना के लिए खाद्यान्नों की ढुलाई का काम करते थे। बंजारे किसी | भी सेना के लिए एक लाख बैलों से अनाज ढोते थे।
Question - 14 : - गोंड लोगों का इतिहास, अहोमों के इतिहास से किन मायनों में भिन्न था? क्या कोई समानता भी थी?
Answer - 14 : -
गोंड लोगों के इतिहास एवं अहोमों के इतिहास में कई मायनों में अन्तर था, जैसे
1. गोंड, गोंडवाना प्रदेश की प्रमुख जनजाति थी, जबकि अहोम ब्रह्मपुत्र घाटी में निवास करने वाली प्रमुख जनजाति थी।
2. गोंड यहाँ के मूल निवासी थे, जबकि अहोम म्यानमार से आकर बसे थे।
3. गोंड आग्नेय अस्त्रों का प्रयोग नहीं जानते थे, जबकि अहोम उच्च स्तरीय बारूद और तोपों के निर्माण में सक्षम थे।
4. गोंडवाना राज्य अहोम राज्य की तुलना में बड़ा था।
गोंड इतिहास एवं अहोम इतिहास में समानताएँ –
1. गोंड और अहोम दोनों ही जनजातियाँ थीं।
2. दोनों ही जनजातियों ने अपने-अपने साम्राज्य स्थापित किए।
3. दोनों ही राज्यों को मुगलों ने पराजित किया।