Question -
Answer -
(क)
किसी पहाड़ी के पास या किसी बड़े हॉल में चिल्लाने पर वही ध्वनि दोबारा सुनाई देती है। इसे ही प्रतिध्वनि कहा जाता है। यह ध्वनि परावर्तन के कारण होती है।
(ख)
तारत्व ध्वनि का वह गुण है जिसके द्वारा हम मोटी या पतली ध्वनि में अंतर कर सकते हैं। उच्च तारत्व वाले ध्वनि की आवृत्ति उच्च तथा निम्न तारत्व वाले ध्वनि की आवृत्ति निम्न होती है। ध्वनि का तारत्व व्यक्त करता है कि ध्वनि मोटी है, या पतली। यह ध्वनि की आवृत्ति पर निर्भर करती है। जैसे-बिल्ली की आवाज की आवृत्ति (तारत्व) कुत्ते के भौंकने की आवृत्ति से अधिक होती है इसलिए बिल्ली की आवाज पतली तथा कुत्ते की आवाज मोटी होती है।
(ग)
वातावरण में अत्यधिक या अवांछित ध्वनियों का शोर ध्वनि प्रदूषण कहलाता है। वाहनों की तीव्र ध्वनियाँ, विस्फोटक ध्वनि, कारखानों तथा लाउडस्पीकर आदि ध्वनि, प्रदूषण के मुख्य कारक हैं।
ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए हमें वाहनों के ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए वाहनों का उचित रखरखाव व कम तीव्रता वाले पेटीनुमा विस्तारकों का उयोग करना चाहिए।
(घ)
प्रकाश की गति ध्वनि की अपेक्षा कई गुना अधिक तीव्र होती है। इस कारण हमें वर्षाकाल में बादलों की बिजली की चमक बादलों की गड़गड़ाहट से पहले दिखाई देती है।
(ङ)
वस्तुओं में ध्वनि कंपन के कारण उत्पन्न होती है। कुछ स्थितियों में कपन आसानी से दिखाई दे जाते हैं, अधिकांश स्थितियों में हम इन कपनों को नहीं देख पाते। बल्कि उसका अनुभव कर पाते हैं। जैसे-विद्यालय की घंटी बजाने से उत्पन्न ध्वनि में घंटे के कंपन का अनुभव छूकर कर सकते हैं।