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Question -

कॉपर के धातुकर्म में सिलिका की भूमिका समझाइए।



Answer -

भर्जन के दौरान कॉपर पाइराइट FeO तथा Cu2के मिश्रण में परिवर्तित हो जाता है।

FeO (
क्षारीय) को हटाने के लिए प्रगलन के दौरान एक अम्लीय गालक सिलिका मिलाया जाता है। FeO, SiO2 से संयोग करके फेरस सिलिकेट (FeSiO3) धातुमल बनाता है जो गलित अवस्था में प्राप्त मैट पर तैरने लगता है।

अत: कॉपर के निष्कर्षण में सिलिका की भूमिका ऑक्साइड को धातुमल के रूप में हटाने की होती है।

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