Question -
Answer -
विलेयता–सभी क्षार धातुओं के नाइट्रेट, कार्बोनेट, सल्फेट जल में घुलनशील हैं और इनकी विलेयता समूह में ऊपर से नीचे जाने पर बढ़ती है, क्योंकि जलयोजन ऊर्जा (hydration energy) की तुलना में जालक ऊर्जा तेजी से घटती है।
सभी क्षारीय मृदा धातुओं के नाइट्रेट भी जल में घुलनशील हैं, परन्तु इनकी विलेयता समूह में नीचे चलने पर घटती जाती है क्योकि जलयोजन, ऊर्जा (hydration energy) जालक ऊर्जा (lattice energy) की अपेक्षा तेजी से घटती है। क्षारीय मृदा धातु कार्बोनेट जल में अधिक घुलनशील नहीं हैं और इनकी विलेयता समूह में ऊपर से नीचे जाने पर घटती है। BeCO3 जल में सूक्ष्म विलेय है और CaCO3 लगभग अविलेय। समूह में ऊपर से नीचे जाने पर विलेयता घटती है क्योंकि जलयोजन ऊर्जा घटती है। क्षारीय मृदा धातु सल्फेट क्षार धातु सल्फेट से जल में कम विलेय है। इनकी विलेयता समूह में ऊपर से नीचे चलने पर घटती है।
क्षारीय मृदा धातु सल्फेटों की जालक ऊर्जा क्षार धातु सल्फेटों की जालक ऊर्जा से अधिक होती है। यही कारण है कि इनकी विलेयता क्षार धातु सल्फेटों से कम होती है। समूह, में ऊपर से नीचे जाने पर जलयोजन ऊर्जा का मान घटता है परन्तु जालक ऊर्जा में कोई परिवर्तन नहीं होता। इसलिए BeSO4 से BaSO4 तक जाने पर विलेयता घटती है।
तापीय स्थायित्व
(क) क्षारीय मृदा धातुओं और क्षार धातुओं के नाइट्रेट गर्म करने पर विघटित हो जाते हैं। क्षार धातु के नाइट्रेट (Li के अतिरिक्त) विघटित होकर धातु नाइट्राइट बनाते हैं।

सभी क्षारीय मृदा धातु नाइट्रेट विघटित होकर धातु ऑक्साइड, NO2 तथा O2 देते हैं।

(ख) क्षार धातु के कार्बोनेट (Li के अतिरिक्त) उच्च ताप पर भी विघटित नहीं होते हैं। लीथियम कार्बोनेट विघटित होकर लीथियम ऑक्साइड और कार्बन डाइऑक्साइड देता है।

क्षारीय मृदा धातुओं के कार्बोनेट गर्म करने पर विघटित होकर धातु ऑक्साइड और CO2 बनाते हैं।

क्षारीय मृदा धातु कार्बोनेटों के विघटन का ताप समूह में ऊपर से नीचे चलने पर बढ़ता है। इस कारण इनके स्थायित्व में वृद्धि होती है जो समूह में ऊपर से नीचे जाने पर विद्युत धनात्मक गुणों (electropositive character) में वृद्धि के कारण है।
(ग) क्षार धातुओं के सल्फेट (Li के अतिरिक्त) बहुत अधिक स्थायी होते हैं और आसानी से विघटित नहीं होते। लीथियम सल्फेट निम्न प्रकार विघटित होता है-

क्षारीय मृदा धातुओं के सल्फेटों में भी ऊष्मीय स्थायित्व (thermal stability) होता है और गर्म करने पर आसानी से विघटित नहीं होते हैं। यह इनकी उच्च जालक ऊर्जा के कारण होता है। फिर भी, ये अति उच्च ताप पर विघटित हो सकते हैं।