Question -
Answer -
(i) सोडियम धातु NaCl (40%) और CaCl2(60%) के मिश्रण का विद्युत अपघटन करने पर प्राप्त होती है। इसमें लोहा (iron) कैथोड और ग्रेफाइट ऐनोड (Down’s cell) का प्रयोग किया जाता है। CaCl2 का उपयोग NaCl का गलनांक कर्म करने के लिए किया जाता है। विद्युत अपघटन करने पर। Na कैथोड (cathode) पर प्राप्त होता है।

(ii) सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन का नेलसन सेल अथवा कास्टनर-कैलनर सेल में विद्युत अपघटन करने पर सोडियम हाइड्रॉक्साइड (sodium hydroxide) बनता है। इसमें पारा (mercury) कैथोड तथा कार्बन (carbon) ऐनोड का प्रयोग किया जाता है।
नेलसन सेल में-
NaCl → Na+ + Cl–
H2O ⇌ H+ + OH–
Na+ + OH– ⇌ NaOH
कास्टनर-कैलनर सेल में-
NaCl→ Na+ + Cl–
H2O ⇌ H+ + OH–
Na+ + e– → Na
Na + Hg → Na/Hg
NaOH→ Na+ +OH–
H2O ⇌ H+ + OH–
OH– → OH+ e–
Na/Hg → NaOH+e–
(iii) सोडियम को CO2 मुक्त वायु की अधिकता में गर्म करने पर सोडियम परॉक्साइड बनता है।

(iv) CO2 अमोनिया युक्त नमक के घोल में प्रवाहित करने पर सोडियम बाइकार्बोनेट (NaHCO3) का अवक्षेप प्राप्त होता है जो गर्म करने पर सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) देता है (Solvay ammonia soda process)।
NaCl + NH3 + CO2 + H2O→ NaHCO3 ↓+ NH4Cl
2NaHCO3 → Na2CO4 + CO2 +H2O