The Total solution for NCERT class 6-12
50cm लम्बी तथा 3.0mm व्यास की किसी पीतल की छड़ को उसी लम्बाई तथा व्यास की किसी स्टील की छड़ से जोड़ा गया है। यदि ये मूल लम्बाइयाँ 40°C पर हैं तो 250°C पर संयुक्त छड़ की लम्बाई में क्या परिवर्तन होगा? क्या सन्धि पर कोई तापीय प्रतिबल उत्पन्न होगा? छड़ के सिरों को प्रसार के लिए मुक्त रखा गया है। (पीतल तथा स्टील के रेखीय प्रसार गुणांक क्रमशः 2.0 x 10-5 k-1 तथा 1.2x 10-5 x k-1 हैं।)
प्रत्येक छड़ का तापT1 = 40°C परलम्बाई L1 =50 सेमीसंयुक्त छड़ का अन्तिम तापT2 = 250°Cअतः प्रत्येक छड़ के तापमें वृद्धि∆T = T2 – T1 = (250 -40)°C = 210°C = 210K(∵ सेल्सियस तथाकेल्विन पैमाने पर 1 डिग्री को आकार बराबरहोता है)∵ पीतलकी छड़ की लम्बाई मेंवृद्धि(∆L)पीतल =L1• α.पीतल x ∆T= 50 सेमी x2.0x 10-5 K-1 x 210K= 0.21सेमी स्टील की छड़ कीलम्बाई में वृद्धि (∆L)स्टील = L1 x 0.स्टील x ∆T= 50 सेमी x1.2 x 10-5 K-1 x 210K= 0.126 सेमी≈ 0.13 सेमी∴ संयुक्त छड़की लम्बाई में वृद्धि= (∆L)पीतल+ (∆L)स्टील।= 0.21 सेमी+ 0.13 सेमी= 0.34 सेमीचूँकि छड़ों के सिरों कोप्रसार के लिए मुक्तरखा गया है, अत:संधि पर कोई तापीयप्रतिबल उत्पन्न नहीं होगा।