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Question -

चन्द्रमा के पृष्ठ पर गुरुत्वीय त्वरण 1.7 ms-2 है। यदि किसी सरल लोलक का पृथ्वी के पृष्ठ पर आवर्तकाल 3.5 s है तो उसका चन्द्रमा के पृष्ठ पर आवर्तकाल कितना होगा? (पृथ्वी के पृष्ठ पर g = 9.8 ms-2)



Answer -

सरल लोलक का आवर्तकाल  लोलक विशेष के लिए नियत; अत: T ∝1/√g इसलिए यदि पृथ्वी एवं चन्द्रमा पर गुरुत्वीय त्वरण क्रमशः ge व gm एवं आवर्तकाल क्रमश: Te व Tm हो


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