Question -
Answer -
आधुनिक आवर्त सारणी द्वारा मेंडेलीफ की आवर्त सारणी की तीनों विसंगतियाँ निम्नलिखित तरीकों से दूर की गईं।
(i) हाइड्रोजन का स्थान-हाइड्रोजन को क्षारीय धातुओं से गुणों में समानता के आधार पर ग्रुप 1 में सबसे ऊपर रखा गया था, परंतु यह उचित स्थान नहीं था। यह मेंडेलीफ के आवर्त सारणी की एक कमी थी। लेकिन इलेक्ट्रॉनिक विन्यास क्षार धातु के समान होने के कारण तथा संयोजकता इलेक्ट्रॉन 1 होने के कारण आधुनिक आवर्त सारणी
में इसे समूह (ग्रुप) 1 में रखा गया। जिससे मेंडेलीफ के आवर्त सारणी की पहली कमी दूर हो गई।
(ii) कोबाल्ट (Co) तथा निकैल (Ni) का स्थान-Co का परमाणु द्रव्यमान 58.9 तथा Ni का परमाणु द्रव्यमान 58.7 है; लेकिन Co को Ni के पहले रखा गया था। परंतु Co की परमाणु संख्या 27 तथा Ni की परमाणु संख्या 28 है। आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को बढ़ाते हुए परमाणु संख्या के आधार पर व्यवस्थित किया गया जिससे यह कमी भी दूर हो गई। Co समूह-9 तथा Ni समूह-10 में आ गए। इसी प्रकार Ar (परमाणु संख्या 18) तथा K (परमाणु संख्या 19) के गलत क्रम का भी समाधान हो गया।
(iii) समस्थानिकों का स्थान-मेंडेलीफ के आवर्त सारणी में समस्थानिकों का कोई स्थान नहीं था। चूँकि समस्थानिकों के परमाणु संख्या समान होते हैं। अतः इन्हें आधुनिक आवर्त सारणी में एक ही स्थान पर रखा गया। उदाहरण के लिए Cl-35 और Cl-37 के परमाणु संख्या 17 हैं।