Question -
Answer -
1. किसी विद्युत धारावाही सीधे चालक के चारों ओर उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की दिशा निर्धारित करने के लिए दक्षिण-हस्त अंगुष्ठ नियम” का प्रयोग किया जाता है, जो इस प्रकार है किसी विद्युत धारावाही चालक को अपने दाहिने हाथ से पकड़ने पर अँगूठा विद्युत धारा की दिशा को संकेत करता है तथा अँगुलियाँ चुंबकीय क्षेत्र की क्षेत्र रेखाओं की दिशा में लिपटी होंगी। इसे मैक्सवेल का कार्कस्कू नियम भी कहते हैं।
2. किसी चुंबकीय क्षेत्र में, क्षेत्र के लंबवत् स्थित, विद्युत धारावाही सीधे चालक पर आरोपित बल की दिशा ‘‘फ्लेमिंग
के वामहस्त नियम” द्वारा ज्ञात करते हैं, जो इस प्रकार है
संकेत-‘महत्त्वपूर्ण तथ्य’ के अंतर्गत पृष्ठ संख्या-208 देखें।
3. चुंबकीय क्षेत्र में गतिशील चालक में उत्पन्न प्रेरित धारा की दिशा ज्ञात करने के लिए फ्लेमिंग के दक्षिण-हस्त के नियम का प्रयोग किया जाता है।
संकेत-‘महत्त्वपूर्ण तथ्य’ (Point 14) देखें।’