Question -
Answer -
भारत में और संसार के हर कोने में अपना-अपना मौसम, परिवेश और ऋतु चक्र है। बारिश सभी को सुहावनी लगती है। हमारे यहाँ तेज़ हवा और गरमी के बाद काले बादलों से आसमान घिर जाता है। बादलों की गड़गड़ाहट और बिजली की चमक में ऐसा आकर्षण होता है कि सभी लोग घरों से बाहर निकलकर प्रकृति का यह खेल देखने लगते हैं। बादलों से जब जल का बोझ नहीं सँभलता तो टप-टप बूंदें गिरनी आरंभ हो जाती हैं। सारा माहौल हर्ष-उल्लास से भर जाता है, माटी की भीनी-भीनी सुगंध सबको सराबोर कर देती है। बच्चे दौड़ पड़ते हैं बारिश में भीगने और नहाने के लिए, पर बड़ों का मन भी नियंत्रण खो बैठता है। पकौड़े, हलवा आदि पकवान बनते हैं। उमंग, उत्साह और उल्लास की लहर हिलोरें लेती