Question -
Answer -
दिया है : ABCD एक चतुर्भुज है जिसमें विकर्ण AC, दूसरे विकर्ण BD को बिन्दु O पर इस प्रकार काटता है कि OB = OD भुजा AB, भुजा CD के बराबर है। सिद्ध करना है :
(i) ar (DOC) = ar (AOB)
(ii) ar (DCB) = ar (ACB)
(iii) DA || CB या ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है।
रचना : शीर्ष B से AC पर लम्ब BF तथा शीर्ष D से AC पर लम्ब DG खींचे।
उपपत्ति:

(i) BF ⊥ AC और DG ⊥ AC
∠DGF = ∠BFG = 90° ये एकान्तर कोण हैं।
BF || DG
BF || DG और BD तिर्यक रेखा है।
∠BDG = ∠DBF (एकान्तर कोण)
∠ODG = ∠OBF
अब ∆DOG और ∆BOF’ में,
∠ODG = ∠OBF (ऊपर सिद्ध किया है)
OD = OB (दिया है)
∠DOG = ∠ BOF (शीर्षाभिमुख कोण युग्म)
∆DOG = ∆BOF (A.S.A. से)
ar (DOG) = ar (BOF) …(1)
∆CDG और ∆ABF में,
∠G = ∠F (DG ⊥ AC, BF ⊥ AC)
CD = AB (दिया है)
DG = BF (∆DOG = ∆BOF)
∆CDG = ∆ABF (R.H.S. से)
ar (CDG) = ar (ABF) …(2)
समीकरण (1) व (2) को जोड़ने पर,
ar (DOG) + ar (CDG) = ar (BOF) + ar (ABF)
अतः ar (DOC) = ar (AOB)
Proved.
(ii) ar (DOC) = ar (AOB) दोनों ओर ar (BOC) जोड़ने पर,
ar (DOC) + ar (BOC) = ar (AOB) + ar (BOC)
अतः ar (DCB) = ar (ACB)
Proved.
(iii) ∆DCB और ∆ACB के क्षेत्रफल समान हैं जैसा कि अभी सिद्ध किया है और दोनों त्रिभुज उभयनिष्ठ आधार BC पर स्थित हैं।
दोनों त्रिभुज एक ही समान्तर रेखाओं के बीच स्थित हैं।
तब, DA || CB
समीकरण (2) से,
∆CDG = ∆ABF
CG = AF …(3)
और समीकरण (1) से,
∆DOG = ∆BOF
GO = OF ……(4)
समीकरण (3) व (4) को जोड़ने पर,
CG + GO = OF + AF
OC = OA
O, विकर्ण CA का भी मध्य-बिन्दु है अर्थात विकर्ण परस्पर समद्विभाजित करते हैं।
अत: ABCD एक समान्तर चतुर्भुज है।
Proved.