Chapter 16 प्रायिकता (Probability) Ex 16.3 Solutions
Question - 11 : - एक लाटरी में एक व्यक्ति 1 से 20 तक की संख्याओं में से छः भिन्न-भिन्न संख्याएँ यादृच्छया चुनता है और यदि ये चुनी गईं छः संख्याएँ उन छः संख्याओं से मेल खाती हैं जिन्हें लाटरी समिति ने पूर्व निर्धारित कर रखा है, तो वह व्यक्ति इनाम जीत जाता है। लाटरी के खेल में इनाम जीतने की प्रायिकता क्या है ?
Answer - 11 : -
1 से 20 तक की प्राकृत संख्याओं में से 6 संख्या चुनने के तरीके = 20

= 
= 38760
केवल एक ही अनुकूल परिणाम है।
अतः लाटरी जीतने की प्रायिकता =

Question - 12 : - जाँच कीजिए कि निम्न प्रायिकताएँ PA) और P(B) युक्ति संगत (consistency) परिभाषित की गई हैं।
(i) P(A) = 0.5, P(B) = 0.7, P(A ∩ B) = 0.6
(ii) PA) = 0.5, P(B) = 0.4, P(A ∪ B) = 0.8
Answer - 12 : -
(i) दिया है : P(A) = 0.5, P(B) = 0.7, P(A ∩ B) = 0.6
यहाँ P(A ∩ B) = 0.6 > P(A)
अत: P(A) और P(B) युक्ति संगत नहीं है।
(ii) यहाँ पर P(A) = 0.5, P(B) = 0.4, P(A ∪ B) = 0.8
अब P(A ∩ B) = P(A) + P(B) – P(A ∪ B) = 0.5 + 0.4 – 0.8
P(A ∩ B) = 0.1,
अत: P(A) और P(B) युक्ति संगत है।
Question - 13 : - निम्नलिखित सारणी में खाली स्थान भरिए:
Answer - 13 : -
P(A ∪ B) = P(A) + PB) – P(A ∩ B)
=
– 
=

(ii) P(A ∪ B) = P(A) + P(B) – P(A ∩ B)
0.6 = 0.35 + P(B) – 0.25
P(B) = 0.6 – 0.35 + 0.25 = 0.5.
(iii) P (A ∪ B) = P(A) + P(B) – P(A ∩ B)
0.7 = 0.5 + 0.35 – P(A ∩ B)
P(A ∩ B) = 0.5 + 0.35 – 0.7 = 0.15.
Question - 14 : - P(A) =
और P(B) =
द्विा गया है। यदि A और B परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं, तो P(A या B) ज्ञात कीजिए।
Answer - 14 : -
A और B परस्पर अपवर्जी घटनाएँ हैं, तब
P(A ∩ B) = 0
P(A) =
, P(B) = 
P(A या B) = P(A ∪ B) = P(A) + P(B) – P(A ∩ B)
P(A ∪ B) =
+
– 0 = 3
Question - 15 : - (i) P(E या F)
(ii) P(E- नहीं और F- नहीं)।
Answer - 15 : -
Question - 16 : - घटनाएँ E और F इस प्रकार हैं कि P(E-नहीं और F- नहीं) = 0.25, बताइए कि E और F परस्पर अपवर्जी हैं या नहीं।
Answer - 16 : -
PE – नहीं और F – नहीं) = P(E’ ∩ F’)
= P[(E ∪ F)’]
अर्थात् = 1 – P(E ∪ F) = 0.25
P(E ∪ F) = 1 – 0.25 = 0.75
P(E ∪ F) ≠ 0 इसलिए E और F परस्पर अपवर्जी नहीं है।
Question - 17 : - घटनाएँ A और B इस प्रकार हैं कि P(A) = 0.42, P(B) = 0.48 और P(A और B) = 0.16, ज्ञात कीजिए:
(i) P(A – नहीं)
(ii) P (B- नहीं)
(iii) P(A या B)
Answer - 17 : -
P(A) = 0.42, P(B) = 0.48.
P(A और B) = P(A ∩ B) = 0.16
(i) P(A – नहीं) = P(A’) = 1 – P(A) = 1 – 0.42 = 0.58.
(ii) P(B – नहीं) = P(B’) = 1 – P(B) = 1 – 0.48 = 0.52.
(iii) P(A या B) = P (A ∪ B) = P(A) + P(B) – P(A ∩ B)
= 0.42 + 0.48 – 0.16 = 0.90 – 0.16 = 0.74.
Question - 18 : - एक पाठशाला की कक्षा XI के 40% विद्यार्थी गणित पढ़ते हैं और 30% जीव विज्ञान पढ़ते हैं। कक्षा के 10% विद्यार्थी गणित और जीव विज्ञान दोनों पढ़ते हैं । यदि कक्षा का एक विद्यार्थी यादृच्छया चुना जाता है, तो प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि वह गणित या जीव विज्ञान पढ़ता होगा।
Answer - 18 : -
एक पाठशाला के 40% विद्यार्थी गणित पढ़ते हैं।
गणित पढ़ने वाले विद्यार्थी की प्रायिकता P(M) =
= 0.4
30% विद्यार्थी जीव विज्ञान पढ़ते हैं।
जीव विज्ञान पढ़ने वाले विद्यार्थी की प्रायिकता P(B) =
= 0.310% विद्यार्थी गणित और जीव विज्ञान दोनों पढ़ते हैं।
गणित और जीव विज्ञान वाले विद्यार्थियों की प्रायिकता, P(M ∩B)
=
= 0.1अब एक विद्यार्थी यादृच्छया चुना गया हो, तब उस विद्यार्थी द्वारा गणित या जीव विज्ञान लिए गए विषय की प्रायिकता
P(M ∪ B) = P(M) + P(B) – P(M ∩ B) = 0.4 + 0.3 – 0.1 = 0.6
Question - 19 : - एक प्रवेश परीक्षा की दो परीक्षणों (Tests) के आधार पर श्रेणीबद्ध किया जाता है। किसी यादृच्छया चुने गए विद्यार्थी की पहले परीक्षण में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता 0.8 है और दूसरे परीक्षण में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता 0.7 है। दोनों में से कम से कम एक परीक्षण उत्तीर्ण करने की प्रायिकता 0.95 है। दोनों परीक्षणों को उत्तीर्ण करने की प्रायिकता क्या है?
Answer - 19 : -
माना A और B क्रमशः पहले और दूसरे परीक्षण में उत्तीर्ण होने को दर्शाते हैं।
P(A) = 0.8, P(B) = 0.7
कम से कम एक परीक्षण में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता = 1 – P(A ∩ B’) = 0.95
P(A’ ∩ B’) = 1 – 0.95 = 0.05.
A’ ∩ B’ = (A ∪ B)’ (डी-मोर्गन नियम से)
P(A’ ∩ B’) = P(A ∪ B)’ = 1 – P(A ∪ B) = 0.05
P(A ∪ B) = 1 – 0.05 = 0.95
P(A ∪ B) = P(A) + P(B) – P(A ∩ B)
0.95 = 0.8 + 0.7 – P(A ∩ B)
P(A ∩ B) = 1.5 – 0.95 = 0.55
इस प्रकार दोनों परीक्षणों को उत्तीर्ण करने की प्रायिकता = 0.55.
Question - 20 : - एक विद्यार्थी के अंतिम परीक्षा के अंग्रेजी और हिन्दी दोनों विषयों को उत्तीर्ण करने की प्रायिकता 0.5 है और दोनों में से कोई भी विषय उत्तीर्ण न करने की प्रायिकता 0.1 है। यदि अंग्रेजी की परीक्षा उत्तीर्ण करने की प्रायिकता 0.75 हो तो हिन्दी की परीक्षा उत्तीर्ण करने की प्रायिकता क्या है?
Answer - 20 : -
माना E और H क्रमशः अंग्रेजी और हिन्दी में पास करने को दर्शाते हैं।
तब अंग्रेजी और हिन्दी दोनों परीक्षा में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता
P(E ∩ H) = 0.5
दोनों में से कोई परीक्षा उत्तीर्ण न करने की प्रायिकता = P(E’ ∩ H’) = 0.1
P[(E U H)’] = 1 – P(E ∪ H) = 0.1
P(E ∪ H) = 1 – 0.1 = 0.9
अंग्रेजी परीक्षा में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता = P(E) = 0.75
अतः P(E ∪H) = 0.9, P(E) = 0.75, P(E ∩ H) = 0.5
P(E ∪ H) = P(E) + P(H) – P(E ∩ H)
0.9 = 0.75 + P(H) – 0.5
P(H) = 0.9 + 0.5 – 0.75 = 1.4 – 0.75 = 0.65
अतः हिन्दी परीक्षा में उत्तीर्ण होने की प्रायिकता = 0.65.