Question -
Answer -
(i) प्रत्यक्ष विधि द्वारा
x3 + 4x = 0 या x (x² + 4) = 0
x = 0 या x² + 4 = 0
परन्तु x² + 4 ≠ 0, x ∈ R
अतः x = 0.
(ii) विरोधोक्ति द्वारा : माना x ≠ 0
यदि समीकरण x² + 4x = 0 का एक मूल p हो, तब
p3 + 4p = 0 या p(p² + 4) = 0
p = 0 या p² + 4 = 0
p² + 4 ≠ 0
p= 0 विरोधात्मक है x ≠ p के जो पूर्व निर्धारित है।
अर्थात् p = 0 या x = 0
(iii) प्रतिधनात्मक कथन द्वारा:
माना x = 0 सत्य नहीं है।
x ∈ R, x3 + 4x ≠ 0, और x ≠ 0 (माना गया है)
x (x² + 4) ≠ 0 यह सिद्ध करता है कि x² + 4x = 0 का x = 0 मूल है।